क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में बढ़ते फ्रॉड पर रेगुलेटरी और जांच एजेंसियों की सख्त कार्रवाई

भारतीय रेगुलेटरी और जांच एजेंसियां cryptocurrency YouTubers और finfluencers के भ्रामक कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए अपनी कोशिशों को तेज कर रही हैं क्योंकि online investment fraud की रिपोर्ट लगातार बढ़ रही हैं। 19 अगस्त 2026 को देहरादून में 120 मिलियन रुपये का एक online investment scam पकड़ा गया, जहां पीड़ितों को crypto और forex trading में 5 से 6 percent के monthly returns का वादा किया गया था।
इसी तरह 13 अगस्त 2026 को Instagram influencer Rohan Jadhav को 100 मिलियन रुपये के fraud case में गिरफ्तार किया गया, जिसमें Hong Kong के हैंडलर्स को cryptocurrency transfers शामिल थे। 12 जुलाई 2026 को रिपोर्ट की गई एक अन्य घटना में 1.732 million rupee का एक अलग crypto scam शामिल था।
- 19 अगस्त 2026 को देहरादून में 120 मिलियन रुपये का ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कैम का खुलासा हुआ।
- पीड़ितों को क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में 5 से 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का वादा किया गया था।
- 13 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर रोहन जाधव को 100 मिलियन रुपये के फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया गया।
- 12 जुलाई 2026 को 1.732 मिलियन रुपये के एक अन्य क्रिप्टो स्कैम की घटना सामने आई।
- सीबीडीटी ने 27 जुलाई 2026 को क्रिप्टो एसेट्स के लिए टैक्स और ट्रांजैक्शन रिपोर्टिंग के निर्देश जारी किए।
SEBI और ASCI की नई गाइडलाइंस और सख्त कदम
The Securities and Exchange Board of India (SEBI) वर्तमान में Consumer Protection Act के तहत भ्रामक crypto products का समर्थन करने के लिए public figures और celebrities को जवाबदेह बनाने के लिए guidelines ड्राफ्ट कर रही है। SEBI deceptive content को हटाने और 'finfluencers' की निगरानी के लिए Google और Telegram जैसे digital platforms के साथ सहयोग कर रही है।
इसके पूरक के रूप में, The Advertising Standards Council of India (ASCI) ने फरवरी 2022 से यह अनिवार्य कर दिया है कि सभी virtual digital asset advertisements में एक prominent disclaimer शामिल हो, जो screen का one-fifth हिस्सा कवर करे और products को 'highly risky' और 'unregulated' के रूप में लेबल करे।
CBDT और RBI के नियम और सरकारी प्रावधान
27 जुलाई 2026 को Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने crypto assets के लिए tax और transaction reporting के लिए comprehensive guidelines जारी कीं, जिसमें $50,000 से अधिक के retail payments के लिए mandatory disclosures शामिल हैं। The Reserve Bank of India (RBI) एक cautious stance बनाए रखता है, जो cryptocurrency के inherent risks और foreign exchange transactions की निगरानी में आने वाली कठिनाइयों के बारे में बार-बार चेतावनी देता है।
इसके अलावा, भारतीय सरकार ने cryptocurrency trading को anti-money laundering provisions के तहत ला दिया है। दिसंबर 2021 के पिछले legislative proposals में stringent measures की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमें potential non-bailable offenses, warrantless arrests और गंभीर regulatory violations के लिए 200 million rupees तक के fines शामिल थे, क्योंकि अधिकारी निवेशकों को 'Do Your Own Research' करने और predatory high-profit schemes से बचने की चेतावनी देना जारी रखते हैं।