गिग वर्कर्स के लिए बीमा: स्विगी-ज़ोमैटो-ओला वालों को अब ₹7 लाख तक कवर

गिग वर्कर्स के लिए बीमा: स्विगी-ज़ोमैटो-ओला वालों को अब ₹7 लाख तक कवर

देश में करीब एक करोड़ लोग गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं — यानी वे लोग जो स्विगी, ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो से खाना-सामान डिलीवर करते हैं, या ओला, उबर, रैपिडो पर गाड़ी चलाते हैं, या अर्बन कंपनी जैसे प्लेटफॉर्म पर सर्विस देते हैं। अब तक इन वर्कर्स के पास न पक्की नौकरी की सुरक्षा थी, न कंपनी की तरफ से कोई बीमा। लेकिन बीते कुछ महीनों में यह तस्वीर बदली है।

21 नवंबर 2025 से सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (Code on Social Security) लागू हो चुकी है। यह कानून भारत में पहली बार "गिग वर्कर" और "प्लेटफॉर्म वर्कर" को कानूनी तौर पर परिभाषित करता है, और उन्हें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व लाभ और बुढ़ापे में सुरक्षा जैसे अधिकार देता है। इसके साथ ही e-Shram पोर्टल पर बना एग्रीगेटर मॉड्यूल अब काम करना शुरू कर चुका है, जिसके जरिए कंपनियां अपने वर्कर्स को सीधे रजिस्टर करा रही हैं।

किन कंपनियों के वर्कर्स को फायदा मिल रहा है

e-Shram पोर्टल के एग्रीगेटर मॉड्यूल से अब तक करीब 12 बड़ी कंपनियां जुड़ चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • ज़ोमैटो
  • स्विगी
  • ओला
  • उबर
  • ब्लिंकिट
  • रैपिडो
  • ज़ेप्टो
  • अमेज़न
  • अर्बन कंपनी

इन कंपनियों के जरिए काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर और ड्राइवर अब सीधे प्लेटफॉर्म के मॉड्यूल से अपना e-Shram रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, बजाय इसके कि उन्हें खुद पोर्टल पर जाकर सारी जानकारी भरनी पड़े।

किसान से लेकर डिलीवरी बॉय तक — क्या-क्या कवर मिलता है

e-Shram कार्ड से रजिस्टर्ड गिग वर्कर्स को मुख्य रूप से दो तरह का बीमा कवर मिलता है:

सुविधा कवर राशि किसके लिए
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) ₹5 लाख प्रति परिवार, प्रति वर्ष कैशलेस अस्पताल इलाज
e-Shram दुर्घटना बीमा दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण अपंगता पर ₹2 लाख आंशिक अपंगता पर ₹1 लाख

यानी अगर किसी रजिस्टर्ड वर्कर की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से काम करने लायक नहीं रहता, तो परिवार को ₹2 लाख तक की आर्थिक मदद मिल सकती है। वहीं बीमारी या सामान्य अस्पताल भर्ती की स्थिति में PM-JAY के तहत ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है — यह अलग से कोई प्रीमियम भरे बिना।

प्लेटफॉर्म कंपनियों की भी होगी जिम्मेदारी

नए नियमों के तहत अब सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि जिन कंपनियों के लिए ये वर्कर्स काम करते हैं, उन्हें भी योगदान देना होगा। एग्रीगेटर कंपनियों — यानी ओला, उबर, स्विगी, ज़ोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म — को अपनी प्लेटफॉर्म फीस का 1-2% हिस्सा गिग वर्कर्स वेलफेयर फंड में जमा कराना अनिवार्य किया गया है। इसी फंड से आगे चलकर वर्कर्स के लिए अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चलाई जाएंगी।

यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक ज्यादातर गिग वर्कर्स को "स्वतंत्र ठेकेदार" (independent contractor) माना जाता था, जिसकी वजह से कंपनियां उनके लिए कोई बीमा या सामाजिक सुरक्षा देने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य नहीं थीं। कानून में हुए इस बदलाव के बाद अब यह जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं

अगर आप या आपके परिवार में कोई डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर या प्लेटफॉर्म वर्कर के तौर पर काम करता है, तो नीचे दिए गए तरीके अपनाएं:

  • सबसे पहले चेक करें कि जिस कंपनी के लिए आप काम करते हैं, वह e-Shram एग्रीगेटर मॉड्यूल से जुड़ी है या नहीं (ऊपर बताई गई सूची देखें)।
  • अगर कंपनी जुड़ी है, तो अक्सर ऐप के अंदर ही रजिस्ट्रेशन का विकल्प या लिंक मिलेगा — कंपनी के हेल्प सेक्शन में इसकी जानकारी जरूर देखें।
  • सीधे रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर जाएं। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) और बैंक खाता जानकारी जरूरी होती है।
  • पोर्टल अब हिंदी सहित देश की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध है, तो भाषा को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वाला e-Shram कार्ड मिलेगा, जिसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।

क्या करें

  • घर में जो भी सदस्य डिलीवरी, कैब ड्राइविंग या प्लेटफॉर्म आधारित काम करता है, उसका e-Shram रजिस्ट्रेशन आज ही चेक करें — यह मुफ्त है और कुछ ही मिनट लगते हैं।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद मिलने वाला UAN नंबर और कार्ड की कॉपी परिवार में किसी भरोसेमंद सदस्य के पास भी रखें, ताकि दुर्घटना जैसी स्थिति में दावा करने में देरी न हो।
  • ध्यान रखें कि यह सरकारी कवर निजी बीमा पॉलिसी का विकल्प नहीं है — अगर परिवार का मुखिया गिग वर्क पर ही निर्भर है, तो अतिरिक्त टर्म या दुर्घटना बीमा लेने पर भी विचार करें।
  • अगर आपकी कंपनी अभी तक एग्रीगेटर मॉड्यूल से नहीं जुड़ी है, तो भी आप व्यक्तिगत तौर पर e-Shram पोर्टल पर सीधे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं — कंपनी का जुड़ना जरूरी शर्त नहीं है।
  • किसी भी दुर्घटना या अस्पताल भर्ती की स्थिति में सबसे पहले नजदीकी PM-JAY सूचीबद्ध अस्पताल और अपने राज्य के श्रम विभाग से संपर्क करें, दावा प्रक्रिया की सही जानकारी वहीं से मिलेगी।
  • किसी भी एजेंट या तीसरे पक्ष को रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे न दें — यह पूरी प्रक्रिया सरकार की तरफ से पूरी तरह मुफ्त रखी गई है।

गिग इकॉनमी में काम करने वालों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है, और अब तक इनमें से बड़ा हिस्सा किसी भी तरह के औपचारिक बीमा कवर से बाहर था। सामाजिक सुरक्षा संहिता और e-Shram एग्रीगेटर मॉड्यूल के जरिए यह कमी भरने की कोशिश हो रही है, लेकिन इसका पूरा फायदा तभी मिलेगा जब वर्कर्स खुद आगे बढ़कर रजिस्ट्रेशन कराएं।

कवर फोटो: G.-U. Tolkiehn / CC BY 2.5

कवर फोटो: Avinash Bhat / CC BY-SA 2.0

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