दिल्ली बुलियन मार्केट में सोना हुआ महंगा और चांदी में आई गिरावट

मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को दिल्ली बुलियन मार्केट में जोरदार उतार-चढ़ाव देखा गया। इस दिन सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई जबकि चांदी में मुनाफावसूली के कारण गिरावट आई। यह रुख तीन दिन की तेजी के बाद सामने आया है।
24-कार्रेट सोने के भाव को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आईं। All India Bullion Association के अनुसार सोने में ₹900 की तेजी आई और भाव ₹1,64,400 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, India Bullion and Jewellers Association यानी IBJA ने ₹190 की बढ़त के साथ भाव ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया।
- दिल्ली स्पॉट मार्केट में 24-कार्रेट सोने का भाव ₹1,62,910 से ₹1,64,120 प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहा।
- Multi Commodity Exchange यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर्स की शुरुआत 0.84% की तेजी के साथ ₹1.63 लाख पर हुई।
- MCX पर सोना बाद में ठंडा होकर ₹352 या 0.22% की गिरावट के साथ ₹1,62,877 पर बंद हुआ।
- All India Bullion Association की एक रिपोर्ट के अनुसार चांदी में ₹3,500 की तेजी आई और भाव ₹2,53,500 प्रति किलोग्राम हो गया।
- IBJA के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चांदी में ₹1,945 की गिरावट आई और भाव ₹2.43 लाख प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
- MCX पर सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के फ्यूचर्स में ₹1,891 या 0.8% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹2,42,329 प्रति किलोग्राम पर बंद हुए।
विशेषज्ञों और बाजार के जानकारों की राय
RiddiSiddhi Bullions Ltd. के Managing Director और IBJA के President पृथ्वीराज कोठारी ने बताया कि दोनों कीमती धातुएं तीन महीने के ऊपरी स्तर को छूने के बाद नीचे आई हैं। बाजार के प्रतिभागियों को आगामी U.S. inflation data और Fed Chair Kevin Warsh के भाषण का इंतजार है।
Kotak Securities के अनिन्य बनर्जी और Enrich Money के पोमुड़ी आर जैसे एक्सपर्ट्स ने इन मूल्य बदलावों के पीछे कुछ खास वजहें बताई हैं। इनमें U.S. fiscal sustainability की चिंताएं, U.S. और Iran के बीच geopolitical tensions और central bank purchasing trends शामिल हैं।
दीर्घकालिक अनुमान और बाजार का रुख
दैनिक उतार-चढ़ाव के बावजूद विश्लेषक दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बनाए हुए हैं। दिसंबर तक सोने के ₹1.70 लाख और चांदी के ₹3 लाख तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
इस तेजी को इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर की तरफ से मिलने वाली औद्योगिक मांग का समर्थन प्राप्त है।