एचईजी लिमिटेड डीमर्जर पूरा, शेयरधारकों को 7 सितंबर रिकॉर्ड डेट के तहत मिलेंगे नए शेयर

एचईजी लिमिटेड डीमर्जर पूरा, शेयरधारकों को 7 सितंबर रिकॉर्ड डेट के तहत मिलेंगे नए शेयर

एचईजी लिमिटेड ने मंगलवार, 1 सितंबर को अपना कंपोजिट रीस्ट्रक्चरिंग पूरा कर लिया है, जिसके तहत कंपनी को दो अलग-अलग लिस्टेड एंटिटी में विभाजित किया गया है। 7 सितंबर, सोमवार को रिकॉर्ड पर मौजूद शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक शेयर के बदले नई ग्रेफाइट कंपनी का एक शेयर मिलेगा। यह रीझरर्गनाइजेशन स्थापित ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस को एडवांस मटेरियल्स, बैटरी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रीन पावर पर केंद्रित प्लेटफॉर्म से अलग करता है।

कंपनी के अनुसार, इन बदलावों को नई दो-कंपनी संरचना की आवश्यकताओं को दर्शाने के लिए किया गया है। ये कदम किसी विशेष ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस इवेंट से जुड़े नहीं हैं। बाजार दोनों व्यवसायों के लिए अलग-अलग वैल्यूएशन तय करेगा, जिसका मतलब है कि प्री-डीमर्जर प्राइस तुलना के लिए सावधानीपूर्वक एडजस्टमेंट की आवश्यकता होती है।

  • एचईजी लिमिटेड ने 1 सितंबर को अपना कंपोजिट रीस्ट्रक्चरिंग पूरा किया।
  • 7 सितंबर रिकॉर्ड डेट पर शेयरधारकों को नई ग्रेफाइट कंपनी का एक शेयर मिलेगा।
  • एचईजी ग्रेफाइट लिमिटेड को ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड अंडरटेकिंग मिलेगी।
  • एचईजी एडवांस्ड मटेरियल्स लिमिटेड मौजूदा लिस्टेड एंटिटी का नया नाम होगा।
  • रवि झुनझुनवाला एचईजी ग्रेफाइट लिमिटेड के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बने हैं।

नई एंटिटी और शेयरधारक एंटाइटेलमेंट की संरचना

एचईजी ग्रेफाइट लिमिटेड गोइंग कंसर्न बेसिस पर ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड अंडरटेकिंग को अपने पास रखेगी। कंपनी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और अन्य सांविधिक निकायों से मंजूरी मिलने पर इस एंटिटी का नाम बदलकर एचईजी लिमिटेड करने का इरादा रखती है। मौजूदा लिस्टेड एंटिटी का नाम बदलकर एचईजी एडवांस्ड मटेरियल्स लिमिटेड करने की योजना है।

यह मटेरियल्स और एनर्जी व्यवसायों का प्रबंधन जारी रखेगी और अपने संचालन में पहले से अनलिस्टेड भीलवाड़ा एनर्जी लिमिटेड को विलीन कर लेगी। पब्लिक निवेशकों को 7 सितंबर को रखे गए फेस वैल्यू 2 रुपये के प्रत्येक एक एचईजी शेयर के बदले एचईजी ग्रेफाइट लिमिटेड में फेस वैल्यू 2 रुपये का एक पूरी तरह से भुगतान किया गया इक्विटी शेयर मिलेगा। भीलवाड़ा एनर्जी लिमिटेड में हिस्सेदारी रखने वालों पर एक अलग व्यवस्था लागू होगी, जिसमें अनलिस्टेड एनर्जी फर्म में रखे गए फेस वैल्यू 10 रुपये के प्रत्येक सात शेयरों के बदले लिस्टेड कंपनी में फेस वैल्यू 2 रुपये के आठ इक्विटी शेयर मिलेंगे।

नेतृत्व और प्रबंधन में बदलाव

प्रभावी तिथि से रवि झुनझुनवाला एचईजी ग्रेफाइट लिमिटेड के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की भूमिका संभालते हैं। वह एडवांस्ड मटेरियल्स कंपनी के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका में transition करेंगे। रिजू झुनझुनवाला को पांच साल के कार्यकाल के लिए मौजूदा लिस्टेड कंपनी के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में चुना गया है। इस नियुक्ति के लिए शेयरधारक की मंजूरी एक आवश्यकता बनी हुई है।

वित्तीय संदर्भ और तिमाही प्रदर्शन

एचईजी ने अपने FY 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में 2,568.5 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया। फर्म ने 497 करोड़ रुपये का EBITDA और 181 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स रिपोर्ट किया। इसी अवधि के लिए ऑपरेशंस से नेट कैश 355 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने खुद को लॉन्ग-टर्म डेट-फ्री बताया है, जिसकी ऑडिटेड वित्तीय विवरणों के परामर्श किए गए अनुभाग के आधार पर 31 मार्च, 2026 को ट्रेजरी बैलेंस 729 करोड़ रुपये और 792 करोड़ रुपये के बीच है।

जून 2026 तिमाही के प्रदर्शन से 680.91 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पता चला, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 52.5 प्रतिशत बढ़कर 109.50 करोड़ रुपये हो गया। ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड ने उस रेवेन्यू में से 677.77 करोड़ रुपये उत्पन्न किए।

बाजार की स्थिति और बीएसई पर कारोबार

1 सितंबर को बीएसई पर एचईजी के शेयर लगभग 730 रुपये पर बंद हुए। यह एक ऐसे सत्र के बाद हुआ जहां कीमत 52-वीक हाई 753.90 रुपये तक पहुंच गई थी। बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा रिपोर्ट किए गए अनुसार, ट्रेड वैल्यू लगभग 11.16 करोड़ रुपये तक पहुंच गई और वॉल्यूम लगभग 1.53 लाख शेयर था।

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिजनेस को ग्लोबल स्टील प्रोडक्शन साइकिल, रॉ मटेरियल कॉस्ट और करेंसी फ्लक्चुएशन जैसे वेरिएबल्स का सामना करना पड़ता है। एचईजी ने नोट किया कि वह अपने उत्पादन का 65 से 70 प्रतिशत निर्यात करता है। निवेशकों को निर्णय लेने से पहले अंतिम बैलेंस शीट वितरण को समझने के लिए आधिकारिक स्कीम एलोकेशन दस्तावेजों की समीक्षा करनी चाहिए।

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