भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट, 2 September 2026 को Sensex 374 अंक लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में 2 September 2026 को लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान Sensex लगभग 374 अंक नीचे बंद हुआ।
पश्चिम एशिया के तनाव, बढ़ते crude oil के दाम और कमजोर global cues के कारण निवेशकों पर यह दबाव बना। घरेलू बाजारों में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता इस अनिश्चितता के कारण कम हुई।
- 2 September 2026 को Sensex 373.93 अंक या 0.49 percent गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 में 141.35 अंक या 0.59 percent की गिरावट आई और यह 23,914.45 पर समाप्त हुआ।
- BSE total market capitalization में सत्र के दौरान लगभग 5 lakh crore rupees की कमी आई।
- Brent crude लगभग 95.4 dollars per barrel तक पहुंच गया और सत्र के दौरान 96 से 97 dollars per barrel तक भी गया।
- Auto, information technology और media sector सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।
पश्चिम एशिया में तनाव और crude oil की कीमतों का असर
पश्चिम एशिया में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता बाजार के लिए एक मुख्य चिंता का विषय बनी हुई है। Enrich Money के CEO Ponmudi R के अनुसार, United States और Iran के बीच संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
इस स्थिति पर crude oil की कीमतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। Jiojit Financial Services के chief investment strategist V K Nair ने बताया कि oil prices में यह तेजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण नकारात्मक कारक है।
व्यापक आर्थिक प्रभाव और मुद्रास्फीति की चिंताएं
बढ़ते crude oil के दाम भारत के लिए एक व्यापक macroeconomic risk पैदा करते हैं। Market analyst Vipin Dixana ने कहा कि इन कीमतों से rupee, domestic inflation levels और bond yields पर दबाव पड़ता है।
Nikore Associates की senior economist Mitali Nikore ने जोड़ा कि 91 dollars per barrel से ऊपर के price levels राष्ट्रीय growth और inflation projections के लिए एक चुनौती पैदा करते हैं। Jiojit Investments के research head Vinod Nair के अनुसार, global financial conditions में इन बदलावों के कारण वर्तमान में investor fear काफी बढ़ा हुआ है।
क्षेत्रीय प्रभाव और वैश्विक बाजारों की स्थिति
बेंचमार्क सूचकांकों ने 2 September 2026 के पूरे trading session में व्यापक कमजोरी को दर्शाया। बिकवाली के कारण wealth का एक बड़ा नुकसान हुआ।
South Korea, Japan, Hong Kong और Shanghai सहित Asian markets में भी व्यापक बिकवाली का दबाव देखा गया। United States में भी S&P 500, Dow Jones और Nasdaq जैसे प्रमुख सूचकांकों में नकारात्मक momentum देखा गया।
आगामी सत्रों के लिए बाजार की नजरें
market watchers अब volatility के बने रहने की संभावना को जांचने के लिए पश्चिम एशिया से संभावित updates पर नजर रख रहे हैं। आगामी सत्रों में trading की दिशा तय करने में energy markets में stabilisation और global central banks के स्पष्ट संकेत महत्वपूर्ण होंगे।