पलवल में शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर महिला से 30 लाख नौ हजार 510 रुपये की ठगी, निदेशक गिरफ्तार

पलवल में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक महिला से 30 लाख नौ हजार 510 रुपये ठग लिए हैं। मामले की जांच कर रही पलवल साइबर अपराध थाना पुलिस ने ठगी की रकम में से 21.50 लाख रुपये एक निजी कंपनी के खाते में पहुंचने के बाद कंपनी के निदेशक को मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
आरोपित को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। साइबर अपराध थाना प्रभारी संदीप कुमार ने इस धोखाधड़ी के पूरे मामले की जानकारी दी है।
- हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी मनीषा कुमारी से हुई ठगी
- शेयर बाजार में निवेश के नाम पर फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया
- 26 अगस्त से चार सितंबर के बीच ट्रांसफर किए गए पैसे
- ठगी की रकम में से 21.50 लाख रुपये सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के खाते में पहुंचे
- आरोपित निदेशक धनंजय गुप्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार
कैसे दिया गया ठगी को अंजाम
हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी मनीषा कुमारी ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने वाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया। आरोपितों ने खुद को शेयर बाजार से जुड़ा बताया और उन्हें एक वाट्सएप समूह में जोड़ लिया। इसके बाद शेयर बाजार में निवेश के नाम पर एक फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया।
आरोपितों के झांसे में आकर मनीषा ने 26 अगस्त से चार सितंबर के बीच अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 30 लाख नौ हजार 510 रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच और आरोपित की गिरफ्तारी
साइबर अपराध थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच कर रहे पीएसआई मोहित ने तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 21.50 लाख रुपये सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के एक निजी कंपनी के खाते में पहुंचे थे।
इसके बाद पुलिस ने कंपनी के निदेशक धनंजय गुप्ता को गिरफ्तार किया। धनंजय गुप्ता मूल रूप से अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश के पैकाली नेवादाकला का रहने वाला है और वर्तमान में श्याम नगर, सोडाला, जयपुर में रह रहा था।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल में संदिग्ध वाट्सएप खातों से हुई चैट और फोटो भी पुलिस ने जांच के लिए जब्त किए हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपित से उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही ठगी की रकम की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।