पीएम विश्वकर्मा योजना 2026: ₹3 लाख लोन, ₹15,000 टूलकिट और मुफ्त ट्रेनिंग कैसे पाएं

पारंपरिक हुनर से रोज़ी-रोटी चलाने वाले करोड़ों कारीगरों और शिल्पकारों के लिए केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना इस समय सबसे चर्चित योजनाओं में से एक है। अगस्त 2026 तक इस योजना के तहत 30 लाख से ज़्यादा कारीगर रजिस्टर हो चुके हैं, 23 लाख से अधिक लोगों ने ट्रेनिंग पूरी कर ली है, और 4.7 लाख से ज़्यादा लोन के रूप में ₹41,188 करोड़ रुपये मंज़ूर हो चुके हैं। अगर आप बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, नाई, धोबी या ऐसे ही किसी पारंपरिक काम से जुड़े हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है
यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र में हाथ और औज़ार (टूल्स) से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों के लिए बनाई गई है। इसका मकसद इन कारीगरों को आधुनिक स्किल ट्रेनिंग, बेहतर औज़ार, आसान लोन और बाज़ार तक पहुंच दिलाना है। यह योजना 2023-24 से 2027-28 तक यानी पांच साल के लिए ₹13,000 करोड़ के बजट के साथ चलाई जा रही है।
किन 18 पारंपरिक कामों के लोग आवेदन कर सकते हैं
योजना में कुल 18 पारंपरिक ट्रेड (काम-धंधे) शामिल हैं:
- बढ़ई (सुथार/बढ़ई)
- नाव बनाने वाला
- राजमिस्त्री (मेसन)
- लोहार
- कवच बनाने वाला (आर्मरर)
- हथौड़ा और टूल किट बनाने वाला
- ताला बनाने वाला (लोहार/लॉकस्मिथ)
- सुनार
- कुम्हार (मिट्टी के बर्तन बनाने वाला)
- मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला
- मोची/जूता बनाने वाला (चर्मकार)
- टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाला, नारियल जटा बुनने वाला
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला
- नाई
- माला बनाने वाला (मालाकार)
- धोबी
- दर्जी
- पारंपरिक खिलौना बनाने वाला
पात्रता (Eligibility)
- आवेदक की उम्र आवेदन की तारीख पर कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
- आवेदक इनमें से किसी एक पारंपरिक काम में खुद के रोज़गार (self-employment) के आधार पर लगा हुआ हो।
- आवेदक या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो।
- एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) आवेदन कर सकता है।
योजना के मुख्य फायदे
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| पहचान | पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड |
| स्किल ट्रेनिंग | 5-7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग, आगे एडवांस ट्रेनिंग का विकल्प |
| स्टाइपेंड | ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन ₹500 |
| टूलकिट सहायता | ट्रेनिंग शुरू होते ही ₹15,000 तक का ई-वाउचर |
| पहला लोन | ₹1 लाख तक, बिना गारंटी, 18 महीने में वापसी |
| दूसरा लोन | ₹2 लाख तक, बिना गारंटी, 30 महीने में वापसी |
| ब्याज दर | सिर्फ 5% सालाना, बाकी सब्सिडी सरकार बैंक को देती है |
| डिजिटल लेनदेन इनाम | हर डिजिटल ट्रांजैक्शन पर ₹1 तक, महीने में अधिकतम 100 लेनदेन |
| मार्केटिंग सहायता | ब्रांडिंग और मार्केटिंग में मदद |
दूसरा लोन (₹2 लाख) पाने के लिए ज़रूरी है कि आवेदक पहला लोन ले चुका हो, उसे समय पर चुकाया हो और डिजिटल लेनदेन अपनाया हो या एडवांस ट्रेनिंग पूरी की हो।

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक हो तो बेहतर)
- बैंक खाता पासबुक
- अपने काम/ट्रेड की स्व-घोषणा (self-declaration)
- राशन कार्ड (अगर उपलब्ध हो)
आवेदन कैसे करें (Apply Online)
- सरकार की आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in पर जाएं।
- "Apply" या "CSC Login" विकल्प चुनें और अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए रजिस्ट्रेशन कराएं।
- आधार वेरिफिकेशन के बाद अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ट्रेड (काम) चुनें।
- परिवार और व्यवसाय से जुड़ी जानकारी भरें।
- बैंक खाते की जानकारी जोड़ें।
- फॉर्म जमा करने के बाद पीएम विश्वकर्मा डिजिटल आईडी और प्रमाणपत्र जनरेट होगा।
- इसके बाद ट्रेनिंग सेंटर से संपर्क करके बेसिक स्किल ट्रेनिंग के लिए रजिस्टर करें।
ध्यान रहे कि CSC पर रजिस्ट्रेशन मुफ्त होता है, कोई भी दलाल या एजेंट अगर पैसे मांगे तो सतर्क रहें।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे चेक करें
वेबसाइट पर "Track Application Status" विकल्प में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालकर स्टेटस देखा जा सकता है। लोन आवेदन का स्टेटस संबंधित बैंक शाखा से भी पता किया जा सकता है।
क्या करें
- सबसे पहले अपने पास आधार, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर तैयार रखें।
- नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर मुफ्त में रजिस्ट्रेशन कराएं।
- रजिस्ट्रेशन के बाद जल्द से जल्द बेसिक ट्रेनिंग के लिए नाम लिखवाएं ताकि टूलकिट वाउचर और स्टाइपेंड जल्दी मिल सके।
- लोन लेने से पहले अपने नज़दीकी सरकारी बैंक शाखा में योजना से जुड़े दस्तावेज़ों की पुष्टि कर लें।
- फर्ज़ी वेबसाइट या एजेंटों से बचें, आवेदन सिर्फ pmvishwakarma.gov.in या अधिकृत CSC से ही करें।
- अगर आपके परिवार में कोई और पारंपरिक कारीगर है, तो याद रखें एक परिवार से सिर्फ एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
यह योजना खासतौर पर उन कारीगरों के लिए एक बड़ा मौका है जो सालों से पारंपरिक काम तो कर रहे हैं लेकिन पूंजी और आधुनिक ट्रेनिंग की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। सही दस्तावेज़ और सही जानकारी के साथ आवेदन करने पर टूलकिट, ट्रेनिंग और सस्ता लोन तीनों का फायदा उठाया जा सकता है।
कवर फोटो: Push media for the Wikimedia Foundation / CC BY-SA 4.0