Skyways Air Services ने 582.80 करोड़ रुपये का IPO किया लॉन्च, Citigroup और Nomura ने किया निवेश

Skyways Air Services ने 582.80 करोड़ रुपये का IPO किया लॉन्च, Citigroup और Nomura ने किया निवेश

Skyways Air Services Limited ने अपने पब्लिक ऑफरिंग की शुरुआत कर दी है जिसमें बड़े ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों से महत्वपूर्ण कैपिटल बैकिंग मिली है। Citigroup और Nomura ने कंपनी में काफी फंड्स का निवेश किया है जिससे एयर फ्रेट ऑपरेटर में मजबूत संस्थागत विश्वास का संकेत मिलता है। यह कंपनी इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के माध्यम से 582.80 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास कर रही है।

यह कुल राशि 398.80 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू से मिलकर बनी है जिसमें 2.89 करोड़ शेयर शामिल हैं और 1.33 करोड़ शेयरों के लिए 184.00 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल भी शामिल है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन से पहले फर्म ने 21 अगस्त 2026 को anchor निवेशकों से 174.5 करोड़ रुपये जुटाए थे। Citi Group Global Markets Mauritius और Nomura Singapore इस दौर के प्राथमिक संस्थागत प्रतिभागी के रूप में सामने आए।

  • Skyways Air Services Limited 582.80 करोड़ रुपये जुटाने के लिए IPO लेकर आई है।
  • कंपनी ने 21 अगस्त 2026 को anchor निवेशकों से 174.5 करोड़ रुपये जुटाए।
  • पब्लिक इश्यू के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 24 अगस्त 2026 को खुली और 27 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
  • शेयरों के अलॉटमेंट की टेंटेटिव तारीख 28 अगस्त 2026 तय की गई है।
  • इक्विटी शेयर 1 सितंबर 2026 से BSE और NSE पर ट्रेडिंग शुरू करने की उम्मीद है।
  • इच्छुक आवेदक 131 से 138 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के प्राइस बैंड के भीतर बोली लगा सकते हैं।

IPO की संरचना और संस्थागत भागीदारी

अन्य प्रतिभागियों में Holani Venture Capital Fund, IndusInd General Insurance Company और ASAS Global Fund शामिल थे। यह बिजनेस इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और एयर फ्रेट फॉर्डरिंग सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है। यह कंपनी 1984 से दिल्ली स्थित लॉजिस्टिक्स फर्म के रूप में संचालित होती रही है।

इसने विशेष रूप से 2022 से 2025 तक लगातार चार वर्षों के लिए सबसे अधिक एयर वे बिल जनरेट करके भारतीय एयर फ्रेट फॉर्डरर्स में शीर्ष रैंकिंग बनाए रखी थी। फाइनेंशियल रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए 2,839.67 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की थी। फर्म ने उसी अवधि के दौरान 63.52 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स हासिल किया था।

रिटेल निवेशकों के लिए गाइडेंस और मार्केट पोजीशन

इस स्टॉक की क्षमता के संबंध में मार्केट एनालिस्ट्स के अलग-अलग विचार हैं। कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के एसेट लाइट बिजनेस मॉडल और फ्रेट सेक्टर में इसकी स्थापित उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए एक apply सिफारिश जारी की है। लॉजिस्टिक्स उद्योग की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी प्रकृति के कारण कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि रिटेल प्रतिभागियों को सावधानी बरतनी चाहिए।

कम प्रॉफिट मार्जिन और महत्वपूर्ण कर्ज का स्तर दीर्घकालिक निवेशकों के लिए चिंता के क्षेत्र बने हुए हैं। आईपीओ पर विचार करने वालों को सेक्टर के अंतर्निहित परिचालन जोखिमों के खिलाफ लिस्टिंग गेन की क्षमता को तौलना चाहिए।

पब्लिक इश्यू के लिए मुख्य तारीखें

  • सब्सक्रिप्शन विंडो की शुरुआत: 24 अगस्त 2026
  • अंतिम तारीख: 27 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट की टेंटेटिव तारीख: 28 अगस्त 2026
  • BSE और NSE पर ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद: 1 सितंबर 2026
  • प्राइस बैंड: 131 से 138 रुपये
  • न्यूनतम लॉट साइज: 100 शेयर
  • रिटेल निवेश (ऊपरी छोर पर): 13,800 रुपये
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