Author: Janta Awaaz

भारत एफडीआई भरोसे की टॉप 15 सूची से बाहर: क्या भारतीय अर्थव्यवस्था बदलाव के दौर में है या निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है? 2014 से 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था: विकास, बेरोजगारी, कर्ज और निवेश संकट की पूरी कहानी क्या भारत में निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है? आम आदमी की जिंदगी से समझिए अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर 2014 के विकास मॉडल से 2047 के विज़न तक — भारत की अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर क्या कहती है? लेखक -राजीव गोयल -भारतीय अर्थव्यवस्था, नीति और सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषणात्मक लेखन करते हैं।” भारत आज दुनिया की…

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क्या SIP 2026 में भी सबसे अच्छा निवेश है? बाजार में बढ़ती गलतफहमियाँ अभी बाजार में कुछ गलत धारणाएँ तेजी से फैल रही हैं: SIP = guaranteed return ❌ Short term में wealth creation ❌ Market गिरने पर exit करना ❌ विशेषज्ञ कहते हैं: SIP एक “long-term wealth tool” है, shortcut नहीं भारत में पिछले 10 सालों में निवेश का सबसे बड़ा बदलाव mutual funds और SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए आया है। 2026 में भी SIP सिर्फ एक निवेश तरीका नहीं, बल्कि एक financial discipline system बन चुका है। आज का सवाल यह नहीं है कि “SIP करना…

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ईरान संकट से कमर्शियल LPG की कीमत में ₹993 की बढ़ोतरी: होटल, ढाबा और छोटे बिजनेस पर गहरा असर और समाधान  अचानक बढ़ी LPG कीमतों से क्यों मचा हड़कंप? लेखक का नाम:राहुल शर्मा मई 2026 की शुरुआत भारत के ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ा झटका लेकर आई, जब कमर्शियल LPG (19 किलो सिलेंडर) की कीमतों में एक ही बार में ₹993 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹3,071.50 तक पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर ईरान…

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ईरान संकट, कमर्शियल गैस कीमतों में उछाल और भारतीय अर्थव्यवस्था: महंगाई, रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर आलेख : जयप्रकाश नारायण कमर्शियल गैस के दाम 30% बढ़ा दिए गए। पिछले डेढ़ महीने में 1600 रुपये में मिलने वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 3070 रुपये में मिल रहा है। यह सिर्फ मूल्य वृद्धि का सवाल नहीं है, बल्कि संघ मार्का हिंदुत्व विदेश नीति के दिवालियापन का संकेत है, जो नफरत, हिंसा, साम्राज्यवाद के समक्ष समर्पण और सत्ता के दुरुपयोग द्वारा चुनाव जीत लेने के समग्र प्रोजेक्ट का स्वाभाविक परिणाम है। यह सब वित्तीय पूंजी के जटिल साम्राज्य के साथ…

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भारत की अर्थव्यवस्था: एक विस्तृत शोधपरक विश्लेषण 2014 से 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था में हुए बड़े बदलावों का विश्लेषण। महंगाई, मुफ्त राशन योजना, पीएम केयर्स फंड, गिरता रुपया, RBI की नीतियाँ और आम नागरिक पर बढ़ते आर्थिक दबाव को समझने का एक शोधपरक लेख। लेखक-राजकुमार अग्रवाल भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में आज दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाई देती हैं। पहली तस्वीर सरकारी घोषणाओं, निवेश सम्मेलनों और उच्च विकास दर के दावों की है। दूसरी तस्वीर आम नागरिक के जीवन की है, जहाँ रसोई का खर्च बढ़ रहा है, बच्चों की पढ़ाई महंगी होती जा रही है, स्वास्थ्य सेवाओं की…

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उच्च शिक्षा का बढ़ता आर्थिक बोझ मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विधि, निजी विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में शिक्षा—इन सभी क्षेत्रों में फीस लाखों रुपये तक पहुँच चुकी है। मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्षों की बचत खर्च करते हैं, गहने बेचते हैं, भविष्य निधि तोड़ते हैं और फिर भी शिक्षा ऋण लेने को विवश हो जाते हैं। दुखद तथ्य यह है कि जिस शिक्षा से युवा का भविष्य निर्मित होना है, उसी पर सबसे अधिक ब्याज का भार डाल दिया जाता है। कई बार कार लोन की ब्याज दरें शिक्षा ऋण से कम होती हैं। अर्थात एक उपभोक्ता वस्तु…

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इस लेख में पूरी ईमानदारी से, इंसानी नजरिए से इस हकीकत को खोलकर रखूंगा। कोई हाइप नहीं, कोई पक्षपात नहीं — सिर्फ तथ्य, विश्लेषण और वो सोच जो हमें भविष्य की ओर ले जाती है। यह लेख Will Lockett के Medium आर्टिकल से प्रेरित जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह नया, विस्तृत और भारतीय-वैश्विक परिप्रेक्ष्य वाला है। दोस्तों, कल्पना कीजिए एक युवा इंजीनियर की। वर्ष 2012 है। वह अपनी पुरानी पेट्रोल कार को गैरेज में खड़ी करके Tesla Model S को देख रहा है। बिना किसी शोर के, केवल बिजली…

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जनता की नजर से – बिना किसी सरकार की चापलूसी या आलोचना के, सिर्फ सच्चाई और उम्मीद के साथ जब आंकड़े नहीं, बल्कि इंसान की कहानी बोलती है 1947 में क्या हालत थी? एक गरीब, बंटा हुआ देश दोस्तों, जब हम “अर्थव्यवस्था” शब्द सुनते हैं तो दिमाग में ग्राफ, प्रतिशत और बड़े-बड़े नंबर घूमने लगते हैं। लेकिन असलियत में यह आंकड़ों की कहानी नहीं है। यह उस किसान की कहानी है जो सुबह चार बजे खेत में जाता है और शाम को मंडी में बैठकर सोचता है कि इस बार भी लागत निकलेगी या नहीं। यह उस युवा लड़के की…

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 नासिक से जुड़े एक कॉरपोरेट विवाद ने व्यापक सार्वजनिक चर्चा को जन्म दिया। आरोपों, जांच और मीडिया कवरेज के बाद यह मुद्दा कार्यस्थलों में धार्मिक ध्रुवीकरण, निष्पक्ष जांच और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया। स्रोत प्रेरणा: यह लेख सामाजिक चिंतक राम पुनियानी के लेखों में उठाए गए मुद्दों से प्रेरित होकर लिखा गया एक स्वतंत्र, मौलिक और तथ्य-आधारित विश्लेषण है। यह किसी भी मूल लेख की प्रतिलिपि नहीं है। प्रस्तावना भारत की बड़ी कंपनियाँ लंबे समय से योग्यता, कौशल और पेशेवर आचरण के आधार पर अवसर…

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आजकल दुनिया में महंगाई बढ़ रही है 2026: कारण, भारत पर प्रभाव, PM मोदी की बचत अपील और बचाव के उपाय प्रकाशन तिथि: 12 मई 2026 | लेख रिपोर्ट /न्यूज हैंड टीम/राजकुमार अग्रवाल विषय सूची परिचय वैश्विक महंगाई के कारण भारत में महंगाई का परिदृश्य PM मोदी की बचत अपील विपक्ष की प्रतिक्रिया बचाव के उपाय निवेश सलाह निष्कर्ष परिचय: महंगाई की लहर जो पूरी दुनिया को झकझोर रही है मई 2026 में दुनिया फिर से महंगाई की चुनौती का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन समस्याएं और जियो-पॉलिटिकल घटनाओं के कारण कीमतें बढ़…

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